कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाने को लेकर मांझी ने दिया एक और अल्टीमेटम, 1 या 2 जुलाई को HUM करेगा कोई फैसला। Manjhi gave another ultimatum to make the Coordination Committee | patna – News in Hindi

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कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाने को लेकर मांझी ने दिया एक और अल्टीमेटम, 1 या 2 जुलाई को HUM करेगा कोई फैसला

जीतन राम मांझी ने आरजेडी को फिर दिया अल्टीमेटम. (फाइल फोटो)

HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा, ‘अभी वर्चुअल मीटिंग के हुए दो दिन ही बीते हैं, लिहाजा हमें पांच और दिन इंतजार करना है. एक हफ्ते का वक्त बीत जाने के बाद भी अगर हमारी मांग नहीं मानी गई तो पार्टी की तरफ से अगले कदम का ऐलान किया जाएगा.’

पटना. हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी (Former CM Jitan Ram Manjhi) ने महागठबंधन में कोऑर्डिनेशन कमिटी (Co-ordination Committee) बनाने को लेकर एक और अल्टीमेटम दिया है. पार्टी की तरफ से दिए गए इस ताजा अल्टीमेटम में कहा गया है कि 24 जून को हुई वर्चुअल मीटिंग (Virtual Meeting) में एक हफ्ते के अंदर महागठबंधन में कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाने की बात कही गई है. न्यूज 18 से बात करते हुए HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा, ‘अभी वर्चुअल मीटिंग के हुए दो दिन ही बीते हैं, लिहाजा हमें पांच और दिन इंतजार करना है. एक हफ्ते का वक्त बीत जाने के बाद भी अगर हमारी मांग नहीं मानी गई तो पार्टी की तरफ से अगले कदम का ऐलान किया जाएगा.’

HUM की कोर कमिटी की बैठक हुई

इसके पहले निर्धारित कार्यक्रम के तहत पार्टी की कोर कमिटी की मीटिंग पटना में बुलाई गई थी, जिसमें मौजूदा राजनीतिक माहौल और महागठबंधन में बने रहने और नहीं रहने को लेकर फैसला होना था. मीटिंग के बाद पार्टी की तरफ से मांझी को ही अगले कदम के लिए अधिकृत कर दिया गया है. अब एक बार फिर सबको पांच दिन और बीतने का इंतजार रहेगा.

उधर, पार्टी की तरफ से आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगतानंद सिंह से बात करने के लिए पार्टी के फतुहा प्रखंड के अध्यक्ष राजन राज को अधिकृत कर दिया गया है. दरअसल, मांझी की पार्टी को तेजस्वी यादव की वह बात नागवार गुजरी है जिसमें उनकी तरफ से कहा गया था कि कोऑर्डिनेशन कमिटी के मसले पर जगतानंद सिंह से जीतनराम मांझी बात कर लें. आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष से HUM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के मिलने और बात करने वाला बयान मांझी और उनकी पार्टी को नाराज कर दिया है. जिसके जवाब में उन्होंने अपने प्रखंड अध्यक्ष को जगतानंद सिंह से बात करने के लिए जिम्मेदारी सौंप दी है. लेकिन, पटना से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में जीतनराम मांझी की गतिविधियों और उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चा जोरों पर है.हफ्ते भर बाद किस करवट बैठेगा HUM

सूत्रों के मुताबिक, जीतनराम मांझी जेडीयू और बीजेपी के संपर्क में बताए जा रहे हैं. अगर मांझी की मांग महागठबंधन में नहीं मानी गई तो वो एक बार फिर पाला बदल कर एनडीए की तरफ आ सकते हैं. हालाकि राजनीतिक गलियारे में मांझी की पार्टी के जेडीयू में विलय की भी चर्चा जोरों पर है.

सूत्रों के मुताबिक, इन सबके पहले मांझी अपनी तरफ से यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि हमने लगातार कई डेडलाइन देकर आरजेडी समेत महागठबंधन के सभी दलों को भरपूर मौका दिया है. लेकिन, अंत में उनकी बात नहीं माने जाने के चलते मजबूरन उन्हें सख्त फैसला लेना पड़ा है. अब एक हफ्ते की मियाद खत्म होने के बाद एक या दो जुलाई को जीतनराम मांझी क्या फैसला लेते हैं, इस पर सबकी निगाहें होंगी. भले ही जीतनराम मांझी की पार्टी छोटी है लेकिन, अगर मांझी एक बार फिर पाला बदलते हैं तो विधानसभा चुनाव से पहले परसेप्सन की लड़ाई में एनडीए को इसका फायदा होगा.


First published: June 26, 2020, 6:45 PM IST





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