पैंगॉन्ग त्सो इलाके में फिंगर-4 के पास चीन बढ़ा रहा तैनाती, सैटेलाइट इमेज में खुलासा – India china face off ladakh panggong tso area exclusive satellite images chinese army

0
2


  • बॉर्डर पर लगातार मौजूदगी बढ़ा रहा चीन
  • सैटेलाइट इमेज में खुली चीन की पोल

लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है. गलवान घाटी के बाद चीनी सेना ने पैंगॉन्ग झील के इलाके में अपनी तैनाती बढ़ा दी है. इंडिया टुडे के पास मौजूद प्लेनेट लैब की सैटेलाइट इमेज में साफ दिख रहा है कि फिंगर-4 और फिंगर-5 के बीच चीनी सेना ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई है.

भारत की ओर से चीनी सेना को फिंगर-4 से फिंगर-8 को खाली करके पीछे जाने की बार-बार बात कही जा रही है, लेकिन चीनी सेना अपनी तैनाती बढ़ाती जा रही है. चिंता की बात ये है कि पैंगोंग लेक के पास मौजूदगी के साथ-साथ कुछ दूर पीछे चीन बैकअप भी तैयार कर रहा है.

ऐसा नहीं है कि सिर्फ झील के पास चीन ने ही अपनी मौजूदगी को बढ़ाया है. भारत की सेना ने भी अपनी मौजूदगी को बढ़ाया है और मिरर तैनाती जैसी स्थिति बनाई हुई है. सैटेलाइट इमेज में भी भारतीय सेना के टैंट बड़ी संख्या में दिख सकते हैं.

कैसे क्षेत्र पर दावे के लिए चीन ने गलवान नदी को चैनलों में बांटा?

सैटेलाइट इमेज में दिख रहा है कि पैंगोंग लेक में फिंगर 4 इलाके में इस वक्त चीनी सेना मौजूद है. फिंगर 4 के इलाके में चीनी सेना के टैंट, साजो-सामान, गाड़ियां मौजूद हैं. फिंगर 4 से लेकर फिंगर 8 तक चीन ने एक रास्ता बना लिया है, जिसके जरिए वो आना-जाना कर रहे हैं.

इमेज के जरिए देखा जा सकता है कि इस इलाके में गुलाबी रंग के टैंट हैं, जो कि चीनी सेना के हैं. चीन ने फिंगर 4 इलाके के अलग-अलग हिस्सों में अपनी सेना को बिछाया हुआ है, जहां कुछ सैनिक पहाड़ियों पर हैं, जबकि कुछ गलवान नदी के पास मौजूद हैं. कुछ हिस्सों में चीनी सेना बड़ी मौजूदगी के साथ है.

इतना ही नहीं इमेज में साफ दिख रहा है कि चीन की ओर से पैंगोंग लेक के पास बोट तैनात की गई हैं. जो कि पैट्रोलिंग के काम आती है और काफी तेज रफ्तार वाली हैं. इन बोट के जरिए किसी भी भारी हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है. पहले ये बोट फिंगर 8 के पास रहती थीं, लेकिन अब ये फिंगर 4 पर डेरा जमाए हुए हैं.

पूरी कहानी नहीं बतातीं LAC पर चीन की सैटेलाइट तस्वीरें

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

गलवान घाटी पर चीनी सेना की बढ़ती मौजूदगी को लेकर रिटायर्ड कर्नल विनायक भट्ट ने कहा कि जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें एक 27 मई की है और दूसरी 12 जून की है. इसमें अंतर साफ दिखता है कि चीन ने इस बीच में अपने सैनिकों की मौजूदगी बढ़ा ली है. उन्होंने कहा कि 6 जून की बैठक में तय हुआ था कि सेनाएं पीछे हटेंगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

रिटायर्ड कर्नल विनायक भट्ट के मुताबिक, 6 जून के बाद से ही चीनी सेना ने अपनी मौजूदगी को बढ़ाया है. फिंगर 4 और फिंगर 5 के बीच में काफी बड़ी संख्या में टैंट की मौजूदगी दिखती है. कर्नल भट्ट ने कहा कि सैटेलाइट तस्वीरों से जो टैंट दिख रहे हैं वो गुलाबी ना होकर हरे हैं, जो किसी तरह से ढके हुए हैं.

सैटेलाइट इमेज में चीन की एक और चाल का खुलासा होता है. जिसमें दिख रहा है कि चीन कुछ-कुछ दूरी पर अपनी सेना को इकट्ठा कर रहा है, जो सामरिक दृष्टि से सही नहीं है. भारत लगातार चीन से अपनी तैनाती कम करने की बात कर रहा है, लेकिन चीन उसका उल्टा ही कर रहा है.

बता दें कि 6 जून को दोनों देशों के बीच में सेना को पीछे हटाने पर सहमति बनी थी, लेकिन 15 जून को चीन ने धोखे से भारतीय सैनिकों पर हमला कर दिया. इसी झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे. तभी से बॉर्डर पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें

  • Aajtak Android App
  • Aajtak Android IOS





Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें