साल 1956 में उड़ान भरी थी पहली फ्लाइट, 64 साल से यहां के लोगों को हवाई सेवा का इंतजार- people of purnia waiting for air service for the last 64 years jhnj | purnia – News in Hindi

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साल 1956 में उड़ान भरी थी पहली फ्लाइट, 64 वर्षों से यहां के लोगों को हवाई सेवा का इंतजार

64 सालों से पूर्णिया के लोगों को हवाई सेवा शुरू होने का इंतजार है.

चुनापुर वायुसेना (Air force) के तत्कालीन विंग कमांडर विश्वजीत कुमार के प्रयास के बाद साल 2012 में स्प्रीट एयरवेज की हवाई सेवा (Air Service) शुरू हुई थी, जो पूर्णिया से पटना और कोलकाता के बीच उड़ान भर रही थी. लेकिन ये भी कुछ कारणों से 2014 में बंद हो गयी.

पूर्णिया. बिहार के पूर्णिया (Purnia) में हवाई सेवा (Air Service) का इतिहास काफी पुराना रहा है. यहां पहली बार साल 1956 में पूर्णिया कोर्ट स्टेशन के पास बने पुराने हवाई अड्डे से पूर्णिया, पटना और कोलकाता के बीच बालुरघाट एयरवेज सेवा शुरू हुई थी. हालांकि कुछ दिनों बाद ही ये सेवा बंद हो गयी थी. भारत- चीन युद्ध के बाद साल 1964 में पूर्णिया के चुनापुर में वायुसेना (Air force) का एयरपोर्ट बना. साल 1974 में इस एयरपोर्ट से जैम एयरवेज की सिविल हवाई सेवा शुरू हुई थी, लेकिन ये भी कुछ वर्षों बाद ही बंद हो गयी.

चुनापुर एयरफोर्स स्टेशन के तत्कालीन विंग कमांडर विश्वजीत कुमार के प्रयास के बाद साल 2012 में स्प्रीट एयरवेज की हवाई सेवा शुरू हुई थी, जो पूर्णिया से पटना और कोलकाता के बीच उड़ान भर रही थी. लेकिन ये भी कुछ कारणों से 2014 में बंद हो गयी.

पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए मिला था 250 करोड़ का फंड 

सामाजिक कार्यकर्ता विजय श्रीवास्तव ने बताया कि तत्कालीन कमांडर विश्वजीत कुमार ने पूर्णिया के वायुसैनिक हवाईअड्डा से हवाई सेवा शुरू करवाने का काफी प्रयास किया था. उनके प्रयास से ही सरकार ने साल 2015 में पूर्णिया के चुनापुर सैन्य हवाई अड्डा से सिविल हवाई सेवा शुरू करने की घोषणा की थी. केन्द्र और बिहार सरकार ने 2016 में इसका एप्रुवल भी दिया था. उसी साल केन्द्र सरकार ने चुनापुर सैन्य एयरपोर्ट पर सिविल टर्मिनल निर्माण के लिये पूर्णिया एयरपोर्ट को 250 करोड़ रुपये का फंड भी दिया. इसके अलावा 52 एकड़ जमीन अधिग्रहण के लिये भी 20 करोड़ रुपये अलग से दिये गये. लेकिन पांच साल बाद भी इसमें कई तरह का पेंच फंसा हुआ था.हाईकोर्ट में है जमीन अधिग्रहण का मामला 

सबसे बड़ा अड़ंगा यहां जमीन अधिग्रहण को लेकर था. साल 2017 में 52 एकड़ जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन निकला था. लेकिन कम मुआवजा मिलने के कारण कई जमीन मालिक हाईकोर्ट की शरण में चले गये थे. हाईकोर्ट के निर्देश पर पूर्णिया के डीएम ने भूमि अधिग्रहणवाद की सुनवाई शुरू की.

डीएम राहुल कुमार ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशानुसार 75 में से कुल 30 लोगों की जमीन संबंधी सुनवाई पूरी कर सरकार को भेजा जा रहा है. शेष 45 लोगों का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है. डीएम ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही पूर्णिया एयरपोर्ट के जमीन अधिग्रहण का काम पूरा कर यहां से हवाई सेवा शुरू कराने की कोशिश की जाएगी.

 


First published: June 26, 2020, 3:36 PM IST





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