Opinion: बिहार विधान परिषद चुनाव – तेजप्रताप की राह में तेजस्वी बने रोड़ा | – News in Hindi

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लालू प्रसाद के जेल में रहने के कारण तेजस्वी(Tejaswi yadav) ही पार्टी के एक मात्र स्टार प्रचारक हैं. ऐसे में वे अगर विधान सभा का चुनाव लड़ते हैं तो वे पूरे बिहार की 243 सीटों की जगह एकमात्र सीट पर ही उलझकर रह जाएंगे.

Source: News18Hindi
Last updated on: June 26, 2020, 9:14 PM IST

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पटना. राजद कोटे से लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े लाल व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) का विधान परिषद जाना तकरीबन पक्का माना जा रहा था. लेकिन, उनके छोटे भाई तेजस्वी ही उनकी राह के रोड़ा बन गए. इस कारण वे विधान परिषद नहीं पहुंच पाए. दरअसल, राजद के सीनियर नेता तेजस्वी को विधान परिषद भेजना चाहते थे. उनका तर्क था कि बिहार विधान सभा चुनाव में अब कुछ ही माह बचे हैं. लालू प्रसाद के जेल में रहने के कारण तेजस्वी(Tejaswi yadav) ही पार्टी के एक मात्र स्टार प्रचारक हैं. ऐसे में वे अगर विधान सभा का चुनाव लड़ते हैं तो वे पूरे बिहार की 243 सीटों की जगह एकमात्र सीट पर ही उलझकर रह जाएंगे. इससे पार्टी को बड़ा नुकसान हो जायेगा. इस वजह से उनको मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा नेता सुशील मोदी की तरह विधान सभा की जगह विधान परिषद का सदस्य बनकर बिहार की 243 सीटों पर प्रचार करना चाहिए. ताकि पार्टी को ज्यादा लाभ मिल सके. सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी इसके लिए सहमत भी हो गए थे. लेकिन, अन्त समय में तेजस्वी के विधान परिषद में अपनी इंट्री को लेकर परिवार पर दबाव बनाने पर लालू ने दोनों का टिकट काटकर परिवार के बाहर के लोगों को पार्टी का प्रत्याशी बनाया.

पार्टी के फैसले से सहमत नहीं थे तेजप्रताप

पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधान परिषद जाने को लेकर लालू परिवार में मंथन के कई दौर चले. लेकिन तेजप्रताप अपने फैसले पर अड़े हुए थे. वे इस मुद्दे पर किसी की भी सुनने को तैयार नहीं थे. इधर, चुनावी वर्ष में परिवार से दो लोगों को विधान परिषद भेजने का पार्टी रिस्क लेने को तैयार नहीं थी. राबड़ी देवी ने भी इसको लेकर कई दफा तेजप्रताप से बात भी की, लेकिन वो इसके लिए जब तैयार नहीं हुए तो राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने परिवार से बाहर के लोगों को पार्टी का प्रत्याशी बनाया.

यह है सबसे बड़ी वजह

तेजप्रताप के खिलाफ इस दफा महुआ से उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय का चुनाव लड़ना पक्का माना जा रहा है. ऐश्वर्या राय के पिता चंद्रिका राय ने अपनी बेटी के साथ हुए अन्याय की पूरी कहानी विधान सभा क्षेत्र के लोगों को अभी से बताना शुरू कर दिया है. वे अपने साथ हुए अपमान का हर बदला विधान सभा चुनाव में लेना चाहते हैं. उनके इस अभियान को एनडीए का भी समर्थन प्राप्त है. इस बात की भनक तेजप्रताप को भी है. इसी कारण वे इस दफा महुआ विधान सभा से चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं. इधर, कहा जा रहा है कि तेजप्रताप अगर विधान परिषद चले जाते तो चंद्रिका राय अपनी बेटी ऐश्वर्या राय को राघोपुर से तेजप्रताप के खिलाफ अपना प्रत्याशी बना देते. इसके लिए लालू और पार्टी तैयार नहीं थे. इसकी कारण लालू प्रसाद ने पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ मंथन के बाद अपने दोनों बेटे की जगह परिवार से बाहर के लोगों को अपना प्रत्याशी बनाया. डिस्क्लेमरः ये लेखक (राजेश कुमार ओझा) के निजी विचार हैं.

 


First published: June 26, 2020, 8:32 PM IST





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