… तो इस वजह से तेजस्वी ने रघुवंश बाबू के विरोध के बावजूद भी रामा को किया पसंद, पढ़ें इनसाइड स्टोरी -Because of this Tejaswi liked Rama despite Raghuvansh Babu oppose read Inside Story nodbk | patna – News in Hindi

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... तो इस वजह से तेजस्वी ने रघुवंश बाबू के विरोध के बावजूद भी रामा को किया पसंद, पढ़ें इनसाइड स्टोरी

हो सकता है कि तेजस्वी अपने इस दांव में कामयाब भी हो जाएं. लेकिन ये भी सच है कि रघुवंश सिंह की भरपाई पार्टी में कभी नहीं हो सकती है. (फाइल फोटो)

तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को खासकर इस बात का भी डर सता रहा है कि कहीं इस बार ऐश्वर्या राय उनके खिलाफ राघोपुर से चुनाव न लड़ लें.

पटना. परिवार के संकटमोचक कहे जाने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) ने रामा सिंह (Rama Singh) को लेकर अपनी नाराजगी पहले ही जाहिर कर दी है. रामा सिंह को आरजेडी में शामिल कराए जाने की खबर को लेकर रघुवंश प्रसाद सिंह पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं. और तो और रघुवंश प्रसाद सिंह ने न्यूज़ 18 से बातचीत में यह भी साफ कर दिया है कि अगर आगे भी कभी पार्टी रामा सिंह को आरजेडी में शामिल करना चाहती है तो वो इससे भी कोई बड़ा फैसला लेने को मजबूर हो जाएंगे. रघुवंश प्रसाद सिंह के पार्टी पद से इस्तीफा देने के बाद जहां आरजेडी के भीतर हलचल मची हुई है, वहीं पूरा लालू परिवार (Lalu Family) ब्रह्म बाबा यानि रघुवंश बाबू को मनाने में जुटा है.

इन सबके बावजूद भी अंदरखाने में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि पार्टी में रघुवंश प्रसाद सिंह जैसे कद्दावर समाजवादी नेता होने के बावजूद भी तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) रामा सिंह पर दांव क्यों लगाना चाहते हैं. न्यूज 18 के पास जैसी जानकारी है उसके मुताबिक, तेजस्वी यादव अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर के लिए ही रामा सिंह को पार्टी में शामिल कराना चाहते हैं. इसके पीछे एक बड़ी वजह ये है कि राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 40 से 45 हजार राजपूत वोटरों की संख्या है जो शुरू से ही आरजेडी के खिलाफ वोट करती रही है. तेजस्वी यादव बीजेपी के इसी कैडर वोटबेंक में अब सेंधमारी करना चाहते हैं. तेजस्वी यादव के पास जो रामा सिंह को लेकर फीडबैक है उसके मुताबिक रामा सिंह राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के बिदुपुर इलाके में राजपूत वोटरों को आरजेडी के लिए गोलबंद कर सकते हैं. बिदुपुर के करीब 20 पंचायतों में तकरीबन 20 से 22 हजार राजपूत वोटरों की संख्या है. इसी वोटबैंक पर तेजस्वी की नजर है.

खासकर इस बात का भी डर सता रहा है कि
तेजस्वी यादव को खासकर इस बात का भी डर सता रहा है कि कहीं इस बार ऐश्वर्या राय उनके खिलाफ राघोपुर से चुनाव न लड़ ले. ऐसी हालत में ऐश्वर्या किसी भी तरह से यादवों का ही वोट काटेंगी और अगर ऐसा हुआ तो फिर तेजस्वी को चुनाव में भारी नुकसान भी हो सकता है. एक आंकड़े के मुताबिक,  राघोपुर में कुल वोटरों की संख्या अनुमानित 3 से सवा 3 लाख के करीब है. जिसमें अकेले 1 लाख 5 हजार यादव वोटरों की संख्या है. अब तक यादवों ने किसी भी तरह से लालू परिवार से खड़े हुए उम्मीदवारों को ही वोट किया है. लेकिन अगर ऐश्वर्या यहां से ताल ठोकती हैं तो इसकी संभावना ज्यादा है कि कुछ न कुछ यादवों का वोट वो जरूर काटेंगी. ऊपर से स्थानीय पूर्व विधानपार्षद भोला राय पहले ही बागी तेवर अख्तियार किए हुए हैं. ऐसे में तेजस्वी इसकी भरपाई के लिए बीजेपी के कैडर वोट में सेंधमारी करने के फिराक में है. और इसी के खातिर तेजस्वी रामा सिंह जैसे फार्मूले का प्रयोग करना चाहते हैं. रघुवंश सिंह की भरपाई पार्टी में कभी नहीं हो सकती है
हो सकता है कि तेजस्वी अपने इस दांव में कामयाब भी हो जाएं. लेकिन ये भी सच है कि रघुवंश सिंह की भरपाई पार्टी में कभी नहीं हो सकती है. शायद लालू यादव जैसे मजे हुए नेता इस सच्चाई को भलीभांति जानते हैं. तभी आनन- फानन में पार्टी सुप्रीमो ने रघुवंश प्रसाद सिंह के इस्तीफे की पेशकश को न सिर्फ सिरे से ठुकरा दिया बल्कि सबने एक सुर में कहा रघुवंश प्रसाद सिंह हमारी पार्टी के स्तंभ हैं. पार्टी को रघुवंश प्रसाद सिंह ने सींचा है. लेकिन अब सबसे बड़ा धर्मसंकट लालू यादव के लिए है एक तरफ उनके पुराने सुख-दुख का साथी और उनकी पार्टी का संकटमोचक है तो दूसरी ओर पार्टी के युवराज यानि तेजस्वी यादव के राघोपुर सीट का सवाल है. ऐसे में अब सबकी नजर लालू यादव पर ही टिकी है कि वो क्या फैसला लेते हैं और कैसे बीच का रास्ता निकालकर कम से कम डैमेज की गुंजाइश रखते हैं.


First published: June 27, 2020, 6:57 AM IST





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