सीएम अरविंद केजरीवाल बोले-पांच हथियार से कोरोना से लड़ रही दिल्ली – Coronavirus delhi cm arvind kejriwal covid 19 beds corona hospitals

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  • पिछले कुछ दिनों में बिस्तरों की संख्या में वृद्धि की गई
  • बड़े अस्पतालों में 40 फ़ीसदी बेड कोरोना के लिए रिज़र्व

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली वालों ने करोना के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त युद्ध छेड़ा हुआ है. इस युद्ध में हमारे ये पांच हथियार हैं. मुख्यमंत्री ने इन पांचों उपायों के बारे में विस्तार से बताया. अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने को पहला हथियार बताया.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 1 सप्ताह में बिस्तरों की संख्या में काफी वृद्धि की गई है. अभी दिल्ली में 13500 बिस्तर मौजूद हैं, जिनमें से 6500 पर मरीज है. साथ ही, प्रतिदिन 20000 टेस्ट किए जा रहे हैं. मैं केंद्र को हमें आवश्यक टेस्ट किट प्रदान करने के लिए धन्यवाद देता हूं.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमारी लड़ाई मार्च के महीने में शुरू हुई. मार्च में जब पूरी दुनिया में कोरोना फैला हुआ था, जिन देशों में सबसे ज्यादा फैला हुआ था वहां से भारतीयों ने कहा कि वह अपने देश आना चाहते हैं.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मार्च से खासतौर से उन देशों से जहां कोरोना ज़्यादा फैला था वहां से 35,000 लोग दिल्ली आए. उनकी स्क्रीनिंग हुई और जिसको बुखार हुआ उनको अस्पतालों में भर्ती किया गया. यह सब लोग अपने घर चले गए क्योंकि उन दिनों जानकारी कम थी और गाइडेंस भी कम थी.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मार्च से खासतौर से उन देशों से जहां कोरोना ज़्यादा फैला था वहां से 35,000 लोग दिल्ली आए. उनकी स्क्रीनिंग हुई और जिसको बुखार हुआ उनको अस्पतालों में भर्ती किया गया. यह सब लोग अपने घर चले गए क्योंकि उन दिनों जानकारी कम थी और गाइडेंस भी कम थी.

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके घर जाने के बाद कोरोना फैला, लॉकडाउन हुआ तो कोरोना कम फैला. 15 मई के आसपास से कोरोना तेज़ी से फैलने लगा. जून के महीने में उम्मीद से ज्यादा तेजी से फैलने लगा. जून के महीने में जब बेड की दिक्कत हुई तो मौत का आंकड़ा बढ़ने लगा. आखिर में प्लान बनाया कि लॉकडाउन खोलकर कोरोना से लड़ना पड़ेगा.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमने अस्पतालों में पिछले 1 महीने में बड़े स्तर पर बैठ का इंतजाम किया. हमने अस्पतालों में पिछले 1 महीने में बड़े स्तर पर बैठ का इंतजाम किया.हमने निर्णय लिया कि दिल्ली के सभी बड़े अस्पतालों में 40 फ़ीसदी बेड कोरोना के लिए रिज़र्व किये. कोरोना मरीजों के लिए अस्पताल बनाये. होटल को हॉस्पिटल के साथ जोड़कर उनकी क्षमता बढ़ाई. 3500 बेड्स बढ़ाये. ऐसे करके राधा स्वामी सत्संग व्यास में 2000 बेड्स तैयार हो गए हैं. बुराड़ी अस्पताल में 450 बैड तैयार कर दिए हैं. जून के पहले हफ्ते में दिल्ली में अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे थे. आज 13500 में से 7500 बेड्स खाली पड़े हैं.

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सीएम ने कहा कि दूसरा हथियार था-टेस्टिंग और आइसोलेशन. कुछ टेस्टिंग लैब ने गड़बड़ करनी शुरू करीं. वह पॉजिटिव को नेगेटिव दिखा देते. नेगेटिव को पॉजिटिव दिखाते थे, हमने इनके खिलाफ कार्रवाई की. जून के पहले हफ्ते में जहां रोजाना 5 हज़ार टेस्ट हो रहे थे वहीं आज 20000 टेस्ट रोजाना हो रहे हैं. अब कोई यह शिकायत नहीं कर रहा कि टेस्ट नहीं हो रहे. इसके लिए केंद्र सरकार का शुक्रिया जिन्होंने रैपिड टेस्ट किट्स हमको दी. हमने अब खुद भी ये किट्स खरीद ली हैं.

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तीसरा हमारा हथियार ऑक्सीजन और ऑक्सीमीटर है. इस बीमारी में सबसे बड़ी समस्या होती है ऑक्सीजन की, जिसकी वजह से आदमी की मौत हो जाती है. सभी होम आइसोलेशन वाले मरीजों को हमने ऑक्सीमीटर भेज दिए हैं. मरीजों को बता दिया है कि अगर ऑक्सीजन की दिक्कत हो तो बता देना या तो घर पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेज देंगे या आपको अस्पताल में भेज देंगे. हम कोशिश कर रहे हैं कि सरकार के हर बेड में ऑक्सीजन की व्यवस्था हो. कोशिश है कि दिल्ली सरकार के हर अस्पताल के हर बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा हो.

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अरविंद केजरीवाल ने कहाकि चौथा हथियार है प्लाजमा थेरेपी है. इस मामले में दिल्ली ने पूरे देश को रास्ता दिखाया. सबसे पहले दिल्ली में ही प्लाजमा थेरेपी दी गई और 29 लोगों पर ट्रायल किया गया. प्लाजमा थेरेपी बहुत से लोग इस्तेमाल कर रहे हैं. जो मरीज बहुत ही ज्यादा सीरियस हो जाते हैं उनके ऊपर प्लाज्मा थेरेपी ज्यादा काम नहीं करती लेकिन मॉडरेट मरीज की हालत को और खराब होने से बचाती है यह थेरेपी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पांचवा हथियार है सर्वे और स्क्रीनिंग. आज से 20 हज़ार लोगों का सिरोलॉजिकल सर्वे कर रहे हैं जिसे पता चले कि यह कहां-कहां फैला हुआ है.

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