चुनावी साल में मांझी ने फंसा दी महागठबंधन की नैया ! इंतजार दो जुलाई का jitan ram manjhi gave ultimatum-for coordination-committee in mahagathbandhan till 2 of july bramk | patna – News in Hindi

0
1


चुनावी साल में मांझी ने फंसा दी महागठबंधन की नैया ! इंतजार दो जुलाई का

बिहार में महागठबंधन के नेता (फाइल फोटो)

चुनावी माहौल में हम और राजद की इस तनातनी से महागठबंधन में शामिल दूसरी पार्टियां भी सकते में हैं. कोआर्डिनेशन कमेटी पर मध्यस्था करने वाली कांग्रेस भी एक सप्ताह में इसके गठन की बात को नकारती दिख रही है

पटना. चुनावी साल में कोऑर्डिनेशन कमिटी (Mahagathbandhan Coordination Committee) के गठन को लेकर महागठबंधन की राजनीति सुलझने की बजाय उलझती ही दिख रही है. जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के कोआर्डिनेशन कमेटी के गठन की मांग के बाद कांग्रेस (Congress) की अध्यक्षता में एक सप्ताह का समय दिए जाने के बाद राजनीतिक तल्खी कम होने के आसार दिख रहे थे लेकिन सच तो यह है कि राजद और हम की राजनीतिक अधीरता अब भी कायम है और ऐसे में माहागठबन्धन की राजनीति क्या रुख लेगी यह कहा नहीं जा सकता है.

कोर कमिटी की बैठक से दिखने लगी तल्खी

इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन और एनडीए के सभी दल अभी से ही अपनी मजबूती के लिए तमाम तरह की कवायद में जुट गए हैं लेकिन कोऑर्डिनेशन कमिटी के मुद्दे पर महागठबंधन में अब भी कुछ ठीक नही चल रहा. हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी के कोआर्डिनेशन कमेटी की मांग को राजद द्वारा तवज्जो नहीं दिए जाने के बाद कांग्रेस की मध्यस्थता से ऐसे आसार बनने लगे थे कि सब कुछ ठीक-ठाक हो जाएगा लेकिन मांझी के दिल्ली से पटना लौटने और हम की कोर कमेटी की बैठक के बाद एक बार फिर से दोनों दलों के बीच तनातनी दिख रही है.

संयम बरतें सहयोगीहम की तरफ से राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानन्द सिंह को फतुहा प्रखंड अध्यक्ष से वार्ता देने का निमंत्रण देकर हमने महागठबंधन की सियासत को और भी हवा दे दी है आग लगा दी है. राजद की मानें तो हम द्वारा दिए गए इस मजाकिया आमंत्रण से आघात लगा है. राजद नेता विजय प्रकाश कोआर्डिनेशन कमेटी की मांग की बात को सिरे से खारिज करते नजर आ रहे हैं उधर राजद के स्टैंड पर हम पलटवार करता दिख रहा है. पार्टी प्रवक्ता दानिश रिजवान ने राजद नेताओं को संयम बरतने की सलाह दी है हालांकि खुद हम के नेता ऐसा नहीं कर पा रहे हैं. दानिश रिजवान ने आरोप लगाते हुए कहा कि राजद के भाषाई ईंट का जबाब हम पार्टी पत्थर से देगी. दानिश सवाल खड़े करते हैं और पूछते हैं कि राजद बताएं कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष और महासचिव कहां हैं.

सहयोगी भी सकते में

चुनावी माहौल में हम और राजद की इस तनातनी से महागठबंधन में शामिल दूसरी पार्टियां भी सकते में हैं. कोआर्डिनेशन कमेटी पर मध्यस्था करने वाली कांग्रेस भी एक सप्ताह में इसके गठन की बात को नकारती दिख रही है वहीं दूसरी तरफ वीआईपी अध्यक्ष मुकेश साहनी हम के स्टैंड को सही नहीं मानते. मुकेश साहनी की हम को दी गई नसीहत महागठबंधन के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को सहज ही बयां करते नजर आ रही है. सहनी का मानना है कि महागठबन्धन के दलों को अपनी हैसियत समझनी चाहिए क्योंकि राजद के बगैर माहागठबन्धन की कल्पना नहीं की जा सकती है.

इंतजार 2 जुलाई का

हम और राजद के रिश्तों की तल्खी के बीच महागठबंधन की सियासत किस मोड़ पर पहुंचती है इसके लिए दो जुलाई तक का इंतजार करना पड़ेगा. फिलहाल यह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन हम और राजद के रुख से तय है कि कांग्रेस की मध्यस्थता से स्थिति बेहतर होने की जो संभावना बन रही थी वह धीरे-धीरे धूमिल होती जा रही है.


First published: June 28, 2020, 10:58 AM IST





Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें