नक्सलियों से मुठभेड़ में गोली खाने वाले CRPF जवान की जमीन पर दबंगों का कब्जा, Video के जरिए PM से लगाई गुहार crpf personal from gaya appeals to pm and cm for his native land video viral brsan bramk | gaya – News in Hindi

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गया. सोशल मीडिया (Social Media) पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खुद को सीआरपीएफ (CRPF Constable) जवान बताने वाला एक युवक कह रहा है कि जो देश की रक्षा के लिए गोली चला सकता है, वो परिवार की रक्षा के लिए भी गोली चला सकता है लेकिन कानून में बंधे होने के कारण ऐसा कदम नहीं उठाउंगा. उसने अपनी जमीन की वापसी और परिवार की सुरक्षा के लिए पीएम (PM Narendra Modi) से लेकर सीएम (CM Nitish Kumar) तक से गुहार लगाई है. जब न्यूज़18 ने इस वीडियो की पड़ताल की तो ये वीडियो बिहार के गया का निकला.

जमीन पर है दबंगों का कब्जा

जिला के टनकुप्पा के रहने वाले सीआरपीएफ जवान योगेंद्र कुमार यादव मानपुर के भुसुंडा के पास बुद्ध विहार कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते हैं. पीड़ित जवान योगेंद्र कुमार यादव फिलहाल औरंगाबाद के नक्सल क्षेत्र देव में सीआरपीएफ के कोबरा में पोस्टेड है और छुट्टी में घर आये हुए थे. दरअसल छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से लोहा लेते हुए गोली से घायल हुए सीआरपीएफ जवान योगेंद्र कुमार यादव पराक्रम मेडल से भी सम्मानित हो चुके हैं लेकिन अब उनकी जमीन पर दबंगो ने कब्जा कर लिया तो उनकी सुनने वाला कोई नही है. वो सीओ से लेकर डीएम और सीएम से लेकर पीएम तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।जिसके बाद इस जवान ने एक वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया ताकि उनकी बातों को कोई गंभीरता से ले

शहीद होने पर नेता श्रद्धांजलि देने आते हैं लेकिन जिंदा रहते कोई नहीं सुनताइस जवान ने कहा कि जब भी कोई जवान देश की रक्षा के लिए शहीद हो जाते हैं तो श्रद्धांजलि देने के लिए पूरा देश आगे आता है, नेता से लेकर समाजसेवी जिला प्रशासन से लेकर स्थानीय सैकड़ों लोग शामिल होते हैं लेकिन जब जवान के साथ कोई समस्या होती है तो वे अपनी समस्या को हल कराने के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर काटते काटते थक जाता है लेकिन उनकी सुनने वाला कोई अधिकारी नहीं होता है.

सीओ से लेकर डीएम तक को लगा चुके हैं गुहार

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से लोहा लेने के क्रम में गोली से घायल हुए सीआरपीएफ के जवान योगेंद्र कुमार यादव के जमीन पर गांव के दबंगों का कब्जा है जिसे छुड़ाने के लिए वो ड्यूटी से छुट्टी लेकर घर आते हैं. अपनी समस्या को लेकर वो सीओ, स्थानीय थाना, एसडीओ, एसएसपी, डीएम तक गुहार लगाए हैं इससे भी बात नहीं बनी तो जवान ने सीएम और पीएम को भी पत्र लिखकर अपना समस्या को अवगत कराया है लेकिन फिर भी कोई सुनने वाला नहीं है. सीआरपीएफ 153 बटालियन के कमांडेंट ने भी गया डीएम को अपने जवान की समस्या को हल कराने के लिए पत्र लिखा है लेकिन उनकी बातों को भी अनसुनी कर दी गई. यह सिलसिला 1 साल से चल रहा है. अब जवान जाए तो कहां जाए  इसी से क्षुब्ध होकर इस जवान ने एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. जवान योगेंद्र कुमार यादव पराक्रम पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।

एक साल से काट रहे हैं चक्कर 

सीआरपीएफ जवान योगेंद्र ने बताया कि मैं पिछले एक साल से प्रताड़ित हो रहा हूं, सीओ, से लेकर डीएम तक, और सीएम से लेकर पीएम तक  गुहार लगा दिए है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, वहीं किसी ने कोई मदद नहीं की तो मैंने मजबूरी में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया.

सीआरपीएफ 153 बटालियन के कमांडेंट ने भी डीएम को लिखा पत्र

जवान ने बताया कि मेरी समस्या को लेकर मेरे बटालियन 153 वीं के कमांडेट ने भी जिलाधिकारी को पत्र भेजा है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि जब जवान शहीद हो जाते हैं तो हर कोई आता है, नेता से लेकर जिला प्रशासन तक सैल्यूट मारने के लिए आते हैं लेकिन जब हमें ही जमीन से कब्जा नहीं मिल रहा है तो क्या कहें.

जवान पर हो चुका है जानलेवा हमला

जब सीओ के निर्देश के बाद जब जवान ने अपनी जमीन पर बाउंड्री वॉल कराने की कोशिश की तो दबंगों ने जानलेवा हमला भी किया. इस मामले में टनकुप्पा में 10 से 11 लोगों पर मामला भी दर्ज कराया गया है. जवान ने अपने सीने पर मेडल को दिखाते हुए कहा कि यह मेडल मैंने कोई दुकान से नहीं खरीदी है बल्कि नक्सलियों से एनकाउंटर में लड़ने के बाद हासिल किया है.

पत्नी भी मदद की लगा रही आस

जवान की पत्नी रूबी कुमारी बताती हैं कि मेरे पति देश की रक्षा के लिए तैनात हैं लेकिन हमारी जमीन को कुछ दबंगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है. मेरे पति छुट्टी में आते हैं और अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर काटते हैं घर में क्या बाहर में ज्यादा रहते हैं लेकिन कोई भी अधिकारी हम लोगों की बातों को नहीं सुन रहे हैं ।

सीओ ने माना कि अगले पक्ष के पास जमीन के कागजात नहीं

जब टनकुप्पा प्रखण्ड के अंचलाधिकारी छोटेलाल से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि मैं थानाध्यक्ष के साथ जाकर मामले की जांच करूंगा. सीआरपीएफ जवान ने अपनी जमीन का कागज प्रस्तुत किया है, लेकिन अगले पक्ष ने अभी तक कागजात नहीं दिखाया है.





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