सुशांत सिंह को लेकर संजय राउत के खुलासे, बीजेपी नेता बोले- मुंबई पुलिस पर दबाव क्यों? – Sanjay raut questions deep interest of police in sushant singh rajput suicide case ram kadam questions

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  • सुशांत सिंह राजपूत केस पर संजय राउत के सवाल
  • मौत के कवरेज को लेकर मीडिया को सुनाई खरी खोटी

शिवसेना नेता संजय राउत ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत को लेकर लेख लिखा. इस लेख में उन्होंने कई सवाल उठाए, तो वहीं उन्होंने लिखा कि सुशांत सिंह राजपूत ने निराशा की चपेट में आकर मौत को गले लगाया. क्या उनके अवसाद का कारण सच में कॉमर्शियल था? यह सौ फीसदी सही नहीं है.

लेख में संजय राउत ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के कवरेज को लेकर मीडिया को जमकर खरी खोटी सुनाई है और मौत को उत्सव में बदलने का आरोप लगाया. राउत ने लिखा, एक फिल्म प्रोड्यूसर का कहना है कि वह जानते थे कि सुशांत आत्महत्या करेगा. उसे बचाने के लिए उन्होंने क्या किया? लेख में आगे राउत ने पूछा, सुशांत का सुसाइड ट्रायल कब खत्म होगा? नहीं कहा जा सकता है.

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राउत ने लिखा, सुशांत की मौत के बाद इडस्ट्री के कई लोगों ने अपनी चुप्पी तोड़ी, लेकिन क्या इस मामले की सच्चाई सामने आई? ऐसा लगता तो नहीं है. इस प्रकरण में क्या जांच होनी बाकी है और वास्तव में इस मामले में पुलिस क्या जांच कर रही है? यह एक्टर कुछ समय से काम नहीं कर रहा था, उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, डिप्रेशन का शिकार था, उसने बांद्रा में अपने घर में फांसी लगा ली, जो माफिया और बॉलीवुड में नेपोटिज्म से बाहर की बात है.

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संजय राउत ने लेख में लिखा, कई लोग हैं जो बॉलीवुड में हर दिन संघर्ष करते हैं, लेकिन यह कहना कि सुशांत सिंह राजपूत ने इसलिए आत्महत्या कर ली, क्योंकि कई लोग उसके लिए बाधाएं डाल रहे थे, यह सही नहीं है. अगर यह सच होता, तो कम से कम दो एक्टर रोज सुसाइड कर लेते.

जॉर्ज फर्नांडीस की भूमिका के लिए सुशांत का भी नाम था: राउत

राउत के मुताबिक, 6 प्रोड्यूसर के साथ कॉन्टैक्ट्स किया था जब सुशांत ने आत्महत्या की थी. आगे बताते हुए राउत ने कहा, बायोपिक फिल्म ‘ठाकरे’ बनाने के बाद जॉर्ज फर्नांडीस पर एक बायोपिक बनाने की योजना बन रही थी. राउत के मुताबिक, जॉर्ज की भूमिका के लिए चुने गए दो नामों में एक नाम सुशांत सिंह राजपूत का भी था.

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राउत ने लिखा, ‘धोनी’ देखने के के बाद मुझे लगा कि वो जॉर्ज की भूमिका के लिए फिट हैं, लेकिन बाद में मुझे बताया गया कि तब वो मानसिक रूप से ठीक नहीं था. वह अवसाद से पीड़ित था. वो फिल्म सेट पर अजीब व्यवहार कर रहा था, जिसकी वजह से हर कोई परेशान था. यही वजह थी कि कई बड़े प्रोडक्शन हाउस ने उसके साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया. जो लोग जानते हैं उनका कहना है सुशांत ने खुद अपने करियर की वाट लगाई. इसके दो महीने बाद ही उसने आत्महत्या कर ली.

सुशांत सिंह राजपूत का केस सुसाइड का स्पष्ट मामला है: राउत

इन सबके साथ संजय राउत का दावा है कि यह सुसाइड का एक स्पष्ट मामला है. इसके बाद उन्होंने पुलिस जांच पर सवाल उठाए. राउत ने कहा, सुशांत सिंह राजपूत ने कई मनोचिकित्सकों को बदला, लेकिन कुछ भी उसकी मदद नहीं की. उसने कोई सोसाइड नोट नहीं छोड़ा, बावजूद 11 घंटे पूछताछ की जा रही है, क्यों? पुलिस ने यशराज फिल्म के साथ राजपूत का कॉन्ट्रैक्ट मांगा है. इससे उन्हें क्या सबूत मिलेगा? कई एक्ट्रेस जिनका सुशांत से लिंक था उन्हें पुलिस ने बुलाया, इसकी बिल्कुल जरुरत नहीं थी.

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राउत ने लिखा, एक मनोचिकित्सक उस व्यक्ति के लिए क्या करेगा जिसने जीने की इच्छा खो दी हो. मनोचिकित्सकों का यह पूरा प्रयोग कोरोना से निपटने के लिए बाबा रामदेव द्वारा बनाई गई अपनी दवा की तरह था. इंदौर के भैय्यूजी महाराज ने आत्महत्या कर ली. उनके जीवन में क्या कमी थी? राउत ने कहा कि मनोचिकित्सकों का कोई फायदा नहीं है. जिंदा रहने के लिए खुद से संघर्ष करना पड़ता है.

इसके साथ ही राउत ने उन आत्महत्याओं की ओर इशारा किया जिनकी फाइलें पुलिस 24 घंटे के भीतर बंद कर दी, जबकि हफ्ता बीत जाने के बाद भी सुशांत की की फाइल पुलिस द्वारा बंद नहीं की जा रही है.

अखबार के जरिए मुंबई पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा: राम कदम

संजय राउत के लेख पर बीजेपी नेता राम कदम ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की. उन्होंने कहा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी एक अखबार चलाते हैं. उसके जरिए पुलिस से पूछताछ कर रहे हैं कि वो जांच क्यों कर रही है? जब मुख्यमंत्री का अखबार जो मुंबई की पुलिस के काम पर सवाल उठाता है, उन पर दबाव डालता है, जिसका साफ संदेश जांच से दूर रहने का है. इस अखबार के जरिए मुंबई पुलिस पर दबाव बनाने के पीछ क्या वजह है?

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