LAC के पास आज भी मौजूद हैं चीनी सैनिक, भारत ने भी तेज किया रोड बनाने का काम – India china border tension galwan clear view china satellite image chinese positions

0
2


  • पेट्रोल प्वाइंट 14 पर तनाव की स्थिति जारी
  • भारत ने निर्माण कार्य को और तेज किया

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के दो हफ्ते बाद भी पेट्रोल प्वाइंट 14 पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. अब तक के घटनाक्रम पर ध्यान दें, तो चीनी सेना ने खूनी संघर्ष के दो दिन बाद यानी 17 जून को गलवान नदी के पास निर्माण, टेंट और इन्फैंट्री गनों को तैनात करना शुरू किया. चीन की इस हरकत का खुलासा 22 जून को हुआ. ये सभी काम LAC पर भारतीय क्षेत्र के लगभग 20 मीटर की ओर हैं.

ये भी पढ़ें- क्या मार्शल आर्ट के फाइटर्स से भिड़े थे भारतीय जवान? चीन ने बॉर्डर पर की थी तैनाती

कमर्शियल सैटेलाइट इमेजरी द्वारा चीन की स्थिति का पता लगाने के पहले ही भारतीय सेना को ड्रैगन के निर्माण कार्य की जानकारी थी. हालांकि, विकास से संबंधित कार्य अब डिसएंगेज का एक बड़ा प्रयास हो गया है, जिसके कारण भारत की ओर से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. जबकि 25 जून के बाद से नदी के आसपास चीनी सैनिकों की संख्या कम हो गई है. लेकिन निर्माण अब भी वैसा ही है.

tweet_062820113713.png

सेना के एक सूत्र ने कहा कि डिसएंगेजमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, लेकिन वास्तव में सैन्य वाहनों और कैंप को LAC के करीब से वापस हटने में चीन को समय लग सकता है. आज की सैटेलाइट इमेजरी से स्पष्ट होता है कि LAC के पार से चीनी पीछे नहीं हटे हैं. गाड़ियां, उपकरण और कैंप आज भी वहां पर मौजूद हैं. वादों को लागू करने में चीन की दोहरी नीति पहले ही सामने आ चुकी है. चीनी सेना द्वारा तैनात किए गए वाहनों और सैनिकों को हटाने से इनकार करना कोई हैरान करने वाला नहीं है. भारतीय सेना ने भी गलवान घाटी में अच्छी खासी संख्या में सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है.

भारत ने तेज किया निर्माण कार्य

गलवान के पास पुल और अन्य निर्माण कार्य से भारत ने चीन को साफ तौर से बता दिया है कि भारतीय सेना बुनियादी ढांचे का काम जारी रखेगी. इसमें श्योक नदी के पश्चिमी तट पर उत्तर लद्दाख में महत्वपूर्ण राजमार्ग शामिल हैं. पिछले कुछ दिनों में ही कम से कम चार सीमा सड़क परियोजनाओं का काम जोर पकड़ा है. सड़क बनाने के लिए लद्दाख से बाहर के मजदूर आ रहे हैं. सरकार के निर्देश भी स्पष्ट हैं कि नागरिक और सैन्य दोनों के बुनियादी ढांचे के काम में कोई समझौता नहीं होगा. चीनी पक्ष के साथ बातचीत भी जारी है, भारतीय क्षेत्र में सड़क पर काम धीमा करने का कोई सवाल ही नहीं है.

ये भी पढ़ें- भारत-चीन के बीच हर सप्ताह होगी चर्चा, क्या सीमा विवाद पर बनेगी बात?

capture11_062820113757.png

भारतीय सेना के दृढ़ निश्चय और पुल परियोजनाओं को पूरा करने का एक संकेत ये भी है कि इस तरह के कठिन भूभाग में काम करने के दौरान भारतीय सेना के दो जवान हादसे का शिकार हो गए. नायक सचिन मोरे और लांस नायक सलीम खान की अलग-अलग दुर्घटनाओं में मौत हो गई.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें

  • Aajtak Android App
  • Aajtak Android IOS





Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें