आस्था पर कोरोना हावी, वाणावर के सिद्धनाथ मंदिर में नहीं होगा श्रावणी मेले का आयोजन | jehanabad – News in Hindi

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आस्था पर कोरोना हावी, वाणावर के सिद्धनाथ मंदिर में नहीं होगा श्रावणी मेले का आयोजन

जहानाबाद का वाणावार श्रावणी महोत्सव (फाइल फोटो)

मंदिर प्रबंध कारिणी समिति के प्रतिनिधि भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मंदिर प्रबंध समिति द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के पालन कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा जिसको लेकर इस वर्ष श्रावणी मेले का आयोजन रद्द कर दिया गया है.

जहानाबाद. सावन (Shrawan 2020) का पवित्र महीना शुरू होने में कुछ ही दिन रह गए हैं लेकिन इस बार आस्था पर कोरोना हावी होता दिख रहा है. विश्वव्यापी इस महामारी (Corona Epidemic) के कारण मखदुमपुर प्रखंड क्षेत्र के बराबर पहाड़ी पर स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ के मंदिर पर प्रति वर्ष सावन महीने में लगने वाले श्रावणी मेला इस वर्ष स्थगित हो गया है. पूरे सावन महीने में श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण और आस्था के केंद्र बने इस मेले को मंदिर प्रबंध समिति और जिला प्रशासन द्वारा पाताल गंगा स्थित रेस्ट हाउस में बैठक कर स्थगित करने का फैसला लिया गया है.

हर साल आते हैं लाखों की संख्या में भक्त

जहानाबाद जिला के मखदुमपुर प्रखंड अंतर्गत ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल बराबर पहाड़ी पर बाबा सिद्धेश्वर नाथ का मंदिर है, जहां सावन माह में लाखों की तादाद में बाबा सिद्धेश्वर नाथ को जल चढ़ाने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ता है. विभिन्न रास्तो से बराबर पहाड़ की चोटी पर बोल बम का जयघोष करती हुई भक्तों की भीड़ तकरीबन 3 से 4 किलोमीटर की चढ़ाई चढ़कर भक्त बाबा को जल अर्पित करती है.  ऐसे में लंबी दूरी और चढ़ाई को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा कोरोना को लेकर सोशल डिस्टेंसिनग के पालन न करने और संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस तरह का निर्णय लिया है.

पहाड़ पर करनी होती है चढ़ाईमंदिर प्रबंध कारिणी समिति के प्रतिनिधि भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पूरे सावन माह में लाखों की तादाद में भक्त इस मंदिर पर जल चढ़ाते हैं वहीं प्रत्येक सोमवार को जल चढ़ाने वाले भक्तों की संख्या में काफी वृद्धि हो जाती है. ऐसे में मंदिर प्रबंध समिति द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के पालन कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा जिसको लेकर इस वर्ष श्रावणी मेले का आयोजन रद्द कर दिया गया है. उन्होंने अधिकारियों से पूरे सावन माह में मंदिर के समीप सुरक्षाबलों की तैनाती की मांग की है ताकि पहाड़ों के रास्ते मंदिर तक पहुंचने वाले तीनों रास्तों को सील किया जा सके.

सरकार को राजस्व का होगा घाटा

गौरतलब है कि इस मेले के स्थगित कर दिए जाने के कारण सरकार को भी तकरीबन एक करोड़ 33 लाख रुपए राजस्व का नुकसान होगा जबकि कई स्थानीय दुकानदारों के समक्ष बेरोज़गारी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी. मंदिर समिति और पुजारियों द्वारा आम दिनों की तरह सावन माह में बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में पूजा की जाएगी जबकि आम लोगों के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे.

First published: June 29, 2020, 1:30 PM IST





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