भूपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद क्या मान जाएंगे चिराग पासवान ? आखिर क्या चाहते हैं LJP अध्यक्ष | patna – News in Hindi

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भूपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद क्या मान जाएंगे चिराग पासवान ? आखिर क्या चाहते हैं LJP अध्यक्ष

चिराग उनको और उनकी पार्टी को लेकर आ रही बातों को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं. (फाइल फोटो)

चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव को साफ-साफ शब्दों में बता दिया है कि इस बार भी विधानसभा चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा 2015 के विधानसभा चुनाव और 2014-2019 के लोकसभा चुनाव के आधार पर ही हों.

पटना. बीजेपी (BJP) की तरफ से बिहार में गठबंधन को आकार देने की कोशिश शुरू कर दी गई है. इसी सिलसिले में बीजेपी के बिहार के प्रभारी महासचिव भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav) ने एलजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) से रविवार को मुलाकात की है. सूत्रों के मुताबिक, चिराग के साथ हुई इस मुलाकात में कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई. इस दौरान चिराग पासवान की तरफ से भी बीजेपी को अपनी बात को खुलकर बता दिया गया है, जिसमें गठबंधन के स्वरुप और बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कई दूसरे मुद्दों का भी जिक्र है.

सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान ने बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव को साफ-साफ शब्दों में बता दिया है कि इस बार भी विधानसभा चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा 2015 के विधानसभा चुनाव और 2014-2019 के लोकसभा चुनाव के आधार पर हों. गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में एलजेपी 7 और 2019 के लोकसभा चुनाव में 6 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. 2019 में एक सीट की भरपाई बीजेपी ने अपने कोटे से रामविलास पासवान को राज्यसभा में लाकर की थी. इसी तरह 2015 के विधानसभा चुनाव में एलजेपी 40 सीटों पर चुनाव लड़ी थी.

हर हाल में उन्हें बिहार में 40 से 42 सीटें मिले
इस फॉर्मूले के तहत चिराग पासवान चाहते हैं कि हर हाल में उन्हें बिहार में 40 से 42 सीटें मिले. हालाकि, बिहार में अब एनडीए का समीकरण भी इन पांच सालों में बदल गया है. उस वक्त बीजेपी के साथ एलजेपी, आरएलएसपी के अलावा मांझी की पार्टी हम भी थी. लेकिन, अब मांझी और कुशवाहा दोनों एनडीए से अलग हैं और जेडीयू की एंट्री एनडीए में हो चुकी है.बीजेपी और जेडीयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ी थी
एनडीए के भीतर हुए इस बदलाव के बाद ही अब सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है. लेकिन, पिछले साल लोकसभा चुनाव में बीजेपी और जेडीयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जबकि एलजेपी के खाते में 6 सीटें आई थी. सूत्रों के मुताबिक, इस बार भी कुछ इसी तरह का फॉर्मूला वो चाह रहे हैं. इसके अलावा एलजेपी अध्यक्ष चाहते हैं कि हर हाल में सीटों का बंटवारा एक महीने के भीतर हो जाए, न कि पिछली बार की तरह इसे सितंबर तक खींचा जाए. इसके अलावा चिराग चाहते हैं कि इस बार पिछली बार की गलती न दोहराई जाए और एलजेपी को अपने पसंद की भी सीटें मिलें. सूत्रों के मुताबिक, आज की मुलाकात में इस बात को भी जोर-शोर भूपेंद्र यादव की तरफ से चिराग पासवान को उनकी बातों पर गौर करने का भरोसा दिया गया है.

जेडीयू की तरफ से कोई सलाह नहीं ली गई
लेकिन, चिराग उनको और उनकी पार्टी को लेकर आ रही बातों को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं. एलजेपी सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान का कहना है कि यह कोई ‘प्रेशर पॉलिटिक्स’ के लिए नहीं किया जा रहा है, जैसा संदेश दिया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान इस बात से नाराज बताए जा रहे हैं कि कोरोना महामारी के वक्त लॉकडाउन के दौरान उनसे बिहार सरकार या जेडीयू की तरफ से कोई सलाह नहीं ली गई और न ही उनकी तरफ से उठाए गए मुद्दों को तवज्जो दी गई. उनकी नाराजगी जेडीयू के रवैये और उदासीनता को लेकर है.

विधानसभा की सीटों को भी भरा जाना है
विधानसभा चुनाव के राज्यपाल कोटे से विधानसभा की सीटों को भी भरा जाना है. एलजेपी की तरफ से पशुपति कुमार पारस के सांसद बन जाने के बाद एक सीट खाली हुई है. एलजेपी चाहती है कि इस बार भी राज्यपाल कोटे से पशुपति कुमार पारस की जगह पर किसी एक व्यक्ति को विधानपरिषद भेजा जाए. चिराग पासवान ने भी कई बार यह साफ कर दिया है कि हमारा गठबंधन बीजेपी के साथ है न कि जेडीयू के साथ. फिलहाल, बीजेपी की तरफ से जेडीयू और एलजेपी दोनों को साधने की कोशिश की जा रही है.

First published: June 29, 2020, 11:09 AM IST





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